किशोर कुमार के सुनहरे, चंचल दौर से प्रेरित सुर
भारतीय संगीत जगत में किशोर कुमार एक ऐसी शख्सियत हैं, जिनकी आवाज़ और अंदाज़ ने हर मूड को अमर बना दिया है. उनके गानों की मस्ती, गहराई और रूमानियत आज भी हमारे दिलों में बसी है. Kamal Ke Sur पर हमारा प्रयास उसी जादुई दौर के संगीत को एक नए रूप में आपके सामने लाना है.
किशोर कुमार (Kishore Kumar) जी का जन्म 4 अगस्त, 1929 को खंडवा, मध्य प्रदेश में हुआ था. उनका मूल नाम था आभास कुमार गांगुली. किशोर कुमार जी का शुमार
भारत के सबसे बेहतरीन पार्शव गायकों में होता है. उनके गाने का अपना ही अलग अंदाज़ था जिसने उन्हें शोहरत की बुलंदियों तक पहुंचा दिया था.
किशोर कुमार जी की एक ख़ासियत ये भी थी कि उनके जैसा योडलिंग कोई नहीं कर पाता था.
भाषा पर उनकी महारत काबिले तारीफ़ है. वे हिंदी, उर्दू, बंगाली, मराठी, भोजपुरी के अलावा कई भाषाओं में बिलकुल सरलता से अपनी गायकी का
प्रदर्शन करते थे. 8 फ़िल्मफ़ेयर अवॉर्ड्स जीत कर उन्होंने बेमिसाल रिकॉर्ड बनाया है.
किशोर जी चार भाई बहनों में सबसे छोटे थे. अशोक कुमार सबसे बड़े, फिर सती देवी और अनुप कुमार. अशोक कुमार और अनुप कुमार ने
अभिनय की दुनिया में कदम रखा तो किशोर भी पीछे नहीं रहे. ये तीनों भाई ग़ज़ब के अभिनेता थे और तीनों ने बेहद लोकप्रिय फिल्म
“चलती का नाम गाड़ी” (Chalti Ka Naam Gaadi – 1958) में एक साथ अभिनय किया था.
उस फ़िल्म की हिरोईन मुधबाला थी.
किशोर जी के नाम एक और बिमिसाल कारनामा है. उन्होंने फिल्म Half Ticket – 1962 के लिए एक गीत मर्दाना और ज़नाना
दोनों आवाज़ों में ख़ुद ही गाया है, उस गाने के बोल थे…. “आ के सीधी लगी दिल पे” जो बहुत ही हिट हुआ.
जैसे मुकेश जी को राजकपूर की, मोहम्मद रफ़ी को दिलीप कुमार की आवाज़ कहा जाता है,
वैसे ही किशोर कुमार को देवानंद और राजेश खन्ना की आवाज़ कहा जाता है.
उन्होंने सबसे ज़्यादा गाने राजेश खन्ना के लिए ही गाए थे.
किशोर कुमार जी का पहला हिंदी गाना खेमचंद प्रकाश के संगीत निर्देशन में फ़िल्म Ziddi (1948) के लिए था,
गाने के बोल थे “मरने की दुआएं क्यों मांगू.”
अभिनेता के तौर पर उनकी पहली फ़िल्म थी
शिकारी [Shikari- 1946]
जिसमें हीरो का रोल निभाया था उनके बड़े भाई
अशोक कुमार ने.
उन्हें जिस गाने के लिए पहला फ़िल्मफ़ेयर अवॉर्ड मिला था
वो गाना था,
फ़िल्म आराधना के लिए
“रूप तेरा मस्ताना, प्यार मेरा दीवाना.”
इंडिया में इमरजेंसी (1975-1977) के दौरान , संजय गांधी ने किशोर कुमार से बंबई में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की रैली में गाने का अनुरोध किया था ,
लेकिन किशोर जी ने मना कर दिया. नतीजा ये हुआ कि सूचना एवं प्रसारण मंत्री विद्या चरण शुक्ला ने 4 मई 1976 से इमरजेंसी की समाप्ति तक राज्य प्रसारकों
ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर किशोर जी के गीतों को बजाने पर प्रतिबंध लगा दिया.
Amar Akbar Anthony फिल्म के गीत “हमको तुमसे हो गया है प्यार” में किशोर जी ने हिंदी फिल्मों के सबसे लोकप्रिय गायक कलाकारों लता मंगेशकर,
मोहम्मद रफी और मुकेश के साथ मिल कर ये गीत गाया था. ऐसा कहा जाता है कि ये हिंदी फिल्मी हिस्ट्री में
एकमात्र ऐसा गाना है,
जब ये सभी कलाकार एक साथ गाने के लिए इकट्ठा हुए.
किशोर जी ने चार शादियां की थीं, उनकी पहली पत्नी बंगाली गायिका और अभिनेत्री रूमा गुहा ठाकुरता
उर्फ रूमा घोष थीं.
उनका दूसरा विवाह हुआ
Venus of Indian Cinema मधुबाला से.
उनका तीसरा विवाह अभिनेत्री योगिता बाली से हुआ था.
फिर वे अलग हुए और किशोर कुमार जी का चौथा विवाह अभिनेत्री लीना चंदावरकर हुआ जो उनके
जीवन काल तक कायम रहा.
क्रिएटर्स के लिए महत्व: यदि आप एक कंटेंट क्रिएटर, व्लॉगर या फिल्ममेकर हैं और अपने वीडियो, शॉर्ट्स या इंस्टाग्राम रील्स में 70 और 80 के दशक का एक विंटेज, रेट्रो या रोमांटिक टच देना चाहते हैं, तो किशोर दा की गायकी की शैली और उनके दौर के संगीत से प्रेरित ये ओरिजिनल धुनें आपके लिए सबसे बेहतरीन विकल्प हैं. यह संगीत आपके दर्शकों को सीधे उस सुनहरे दौर की याद दिलाएगा.
संगीत के बारे में: यहां उपलब्ध किशोर कुमार जी से प्रेरित सभी धुनें पूरी तरह से मौलिक (Original) हैं, जिन्हें किशोर कुमार जी के सदाबहार संगीत के मिज़ाज, रिदम और कॉर्ड्स को ध्यान में रखकर बेहद बारीकी से तैयार किया गया है. आप इन्हें सुन सकते हैं और अपने क्रिएटिव प्रोजेक्ट्स के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं.
Image: By India Post, Government of India – [1] [2], GODL-India, https://commons.wikimedia.org/w/index.php?curid=74176945
किशोर कुमार जी की मृत्यु 13 अक्टूबर 1987 को शाम 4:45 बजे मुंबई में महज़ 58 साल की उम्र में ही हार्ट अटैक के कारण हो गई.
Awards won by Kishore Kumar:
Filmfare Awards
1970 रूप तेरा मस्ताना Aradhana
1976 दिल ऐसा किसी ने Amanush
1979 खई के पान Don
1981 हज़ार रातें मुड़ के Thodi si Bewafaii
1983 पग घुंघरू बांध Namak Halaal
1984 अगर तुम न होते Agar Tum Na Hote
1985 मंज़िलें अपनी जगह हैं Sharaabi
1986 सागर किनारे Saagar
BFJA Awards (6 बार): Best Male Playback Singer, बंगाली (1966, 1987) तथा Hindi (1971, 1972, 1973, 1975) फ़िल्मों के लिए.
1985 Lata Mangeshkar Award by the Madhya Pradesh Government.